आज ऑफर आया है.. उसी की शादी मे बजाने के लिए
तुम बेटे इतने सारे और मैं अकेला मचा रहा हूँ तबाही!
ज़िद होती तो तुझे ऐसा बर्बाद करता, तेरी नशले भी याद करके रोती….!
जहां तक सामने वाला अपनी औकात ना भूले…!
Dushman poetry in Urdu talks with regard to the people that check out to harm us or act towards us. These straightforward lines help us express our feelings without the need of anger or concern.
यह सिर्फ शेर-ओ-शायरी नहीं, बल्कि एक जज्बा
इज्जत पर बात आई तो सुनता नहीं अपने आप की
ਹੁਣ ਕਦੇ ਵੀ ਸਾਨੂੰ ਰੋਕਣਾ ਤੇਰੀ ਤਾਕਤ ਤੋਂ ਬਾਹਰ ਹੈ।
हम वहां भी कदम रखते है जहां रास्ता नहीं होता…!
बदमाशी शायरी में मिलता है आत्मविश्वास और निडर अंदाज़ का अनोखा संगम, जो आपके व्यक्तित्व को और भी प्रभावशाली बनाता है। ये शायरी आपकी बेबाकी और स्टाइल को बयां करती है।
डबल मीनिंग भी है, और प्यारा सा इश्क़ भी,
क्योंकि हमारी हिम्मत से बड़ी हमारी औकात नहीं
हमसे जलने वालों की तादाद आजकल कुछ ज़्यादा है,
हम वो लोग get more info हैं जो खामोशी में भी डर पैदा करते हैं,